वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के पास बुधवार को एक निर्माणाधीन पुल का हिस्सा ढह जाने से मलबे में दबकर कम से कम 18 लोगों की मौत हो गयी. दोपहर में हुए इस हादसे के बाद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात वाराणसी पहुंचे और हालात का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल लोगों से भी मुलाकात की और उनका हाल जाना. सीएम योगी ने वाराणसी की घटना पर दुख जताते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना की पूरी जानकारी ली है. साथ ही उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

सीएम योगी ने 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट

सीएम योगी ने कहा कि हादसे की जानकारी प्राप्त होने के बाद मैंने डिप्टी सीएम को मौके पर भेजा. उन्होंने कहा, ‘हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच टीम गठित की गई है. चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही जांच टीम से 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है.’

उन्होंने मृतकों के परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घायलों का उपचार हो रहा है. प्रदेश सरकार मृतक के परिजन को 5 और घायल को 2 लाख की सहायता राशि प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि आखिर फरवरी में रखी गई बीमें कैसे दुर्घटनाग्रस्त हो गईं, इसकी जांच की जाएगी.

‘नहीं बख्शे जाएंगे दोषी’

योगी ने कहा कि हादसे को लेकर जिम्मेदार लोगों की लापरवाही तय होगी. हम किसी भी दोषी को नहीं बख्शेंगे. रिपोर्ट आते ही ठोस कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि 15 लोगों की मौत के आंकड़े हमारे पास आए हैं और 11 लोगों के घायल होने की खबर है. एनडीआरएफ और पुलिस ने बचाव कार्य अच्छे से किया. लापरवाही के लिए कहीं भी जगह नहीं, सभी अधिकरियों को हिदायत दी गई है. इस हादसे की भी जबाबदेही होगी.

प्रदेश के राहत आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि दोपहर बाद हुए इस हादसे में एक निर्माणाधीन उपरिगामी पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया , जिससे उसके नीचे खड़े अनेक वाहन दब गये. कुमार ने बताया कि यह घटना भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई, लिहाजा मलबे में अभी कई अन्य लोगों के दबे होने का अंदेशा है, इसीलिये मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है.

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. क्षेत्रीय सांसद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करके स्थिति का जायजा लिया और हादसे में मारे गये लोगों के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की. साथ ही प्रभावित लोगों की हर सम्भव मदद सुनिश्चित करने को कहा.

मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिये कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो 48 घंटे के अंदर मामले की तकनीकी जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव के साथ अपनी रिपोर्ट उपलब्ध करायेगी.

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