प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा घट गया. हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की खबर है. दरअसल निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक पिलर नीचे जाम में फंसी गाड़ियों पर गिर गया. बचाव कार्य लगभग समाप्त हो चुका है और गिरा हुआ फ्लाईओवर गाड़ियों पर से हटा लिया गया है. हादसे की जांच के लिए सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है.

पिलर के नीचे दबी गाड़ियों में से 3 लोगों को जिंदा बचा लिया गया, जबकि 10 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. गाड़ियों में 50 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही थी, हालांकि अब तक मृतकों की निश्चित संख्या का पता नहीं चल सका है.

सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है . हादसे के बाद सीएम योगी लखनऊ से बनारस के लिए रवाना भी हो गए हैं. सीएम यहां पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटनास्थन का दौरा करेंगे.

वाराणसी के IG दीपक रतन का कहना है कि पिलर के नीचे दबे वाहनों को निकाल लिया गया है, लेकिन अब तक हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या ठीक-ठीक बताई नहीं जा सकती. राहत एवं बचाव कार्य कई घंटों तक चला और अलग-अलग समय पर घायलों और मृतकों को अलग-अलग जगहों पर भेजा गया. जब सभी मृतकों को मुर्दा घर लाया जाएगा, तब जाकर मृतकों की सही संख्या पता चल सकेगी.

हादसे पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है. सस्पेंड किए गए अफसरों में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र सिंह और केआर सूदान और एक अन्य राज्य  सेतु निगम के एक अन्य कर्मचारी लालचंद को सस्पेंड कर दिया गया है.

 

हादसे में घायल 10 लोगों को कबीरचौरा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया, जिसमें से 6 लोगों की मौत हो गई. कबीरचौरा हॉस्पिटल के CMO ने बताया कि चार अन्य घायलों की हालत गंभीर थी, जिसमें से एक घायल की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे BHU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया.

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. केशव प्रसाद मौर्य ने अस्पताल जाकर हादसे में घायल लोगों का भी हाल-चाल लिया.

 

पिलर के नीचे दबे वाहनों में फंसे घायलों को निकालने के लिए NDRF की 7 टीमें लगाई गईं और करीब 325 राहतकर्मियों ने बचाव कार्य पूरा किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट कर बताया कि उन्होनें स्थानीय अधिकारों से बात कर पीड़ितों को हर मुमकिन मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं. पीएम ने बताया कि योगी आदित्यनाथ से भी बात हुई है और राज्य सरकार हादसा पर पैनी नजर बनाए हुए है.

काशी को क्योटो बनाने का प्लान

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में वाराणसी और गुजरात के वडोदरा से चुनाव लड़ा था. वाराणसी में मिली भारी जीत के बाद मोदी ने वडोदरा सीट छोड़ दी थी. पीएम जब के काशी के सांसद बने हैं तब से काशी पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की कई विकास परियोजनाओं का काम भी वाराणसी में किया जा रहा है.

मोदी सरकार की विदेश नीति में भी वाराणसी बड़ा भागीदार रहा है. प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को लेकर जा चुके हैं. इसके अलावा जापान के शहर क्योटो की तर्ज पर मोदी सरकार ने वाराणसी का विकास करने का संकल्प भी लिया है.

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